(चंडीगढ़)पंजाब में दहशत फैलाने की साजिश विफल, आईईडी के साथ दो संदिग्ध गिरफ्तार

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चंडीगढ़ (संवाददाता) । पंजाब पुलिस ने सीमा पार से चलने वाले आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने जानकारी दी कि साहिबजादा अजीत सिंह (एसएएस) नगर के विशेष अभियान प्रकोष्ठ (एसएसओसी) ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो विदेश में बैठे आतंकी के संपर्क में थे।
पंजाब डीजीपी के आधिकारिक ‘एक्सÓ हैंडल से किए गए पोस्ट में बताया गया है, ऑपरेशन के दौरान एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किया गया, जिससे एसएएस नगर में महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की एक नापाक साजिश को नाकाम कर दिया गया। इस त्वरित और समय पर की गई कार्रवाई ने सार्वजनिक सुरक्षा के लिए संभावित रूप से विनाशकारी खतरे को टाल दिया है।
पोस्ट में आगे कहा गया, पूरे आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच जारी है, जिसमें इस साजिश में शामिल हैंडलर, सहयोगी और सभी कड़ियां शामिल हैं। पंजाब पुलिस आतंकी नेटवर्क को खत्म करने, संगठित अपराध का सफाया करने और पूरे राज्य में शांति व सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इससे पहले, अमृतसर पुलिस ने सीमा पार से संचालित एक अंतरराज्यीय हथियार और ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 2.225 किलोग्राम हेरोइन, छह अत्याधुनिक पिस्तौल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई। गिरफ्तार आरोपियों से बरामद हेरोइन और हथियारों की मात्रा को देखते हुए माना जा रहा है कि यह नेटवर्क पंजाब में नशे और अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले बड़े गिरोह का हिस्सा है। पुलिस अब इस पूरे मॉड्यूल के अन्य सदस्यों और उसके अंतरराज्यीय तथा सीमा पार संपर्कों की जांच में जुटी हुई है।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी सीमा पार सक्रिय तस्करों के सीधे संपर्क में थे। उन्हें पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से हेरोइन की खेप प्राप्त होती थी, जिसे बाद में पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय आपराधिक तत्वों तक पहुंचाया जाता था। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क का उद्देश्य राज्य में नशीले पदार्थों की सप्लाई बढ़ाना और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था।

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