देहरादून (संवाददाता)। डीआरडीओ के टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट के पूर्व महानिदेशक एवं वैज्ञानिक एलसी मंगल ने कहा कि नई तकनीक के विकास के लिए इंजीनियरिंग सोच और शोध का मेल बेहद जरूरी है। आने वाला समय केवल तकनीक का इस्तेमाल करने वालों का नहीं, बल्कि नई तकनीक और नए समाधान विकसित करने वालों का होगा। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और हार्डवेयर विकास के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। इससे विद्यार्थियों के लिए शोध और नवाचार के बड़े अवसर सामने आ रहे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सुपरकंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, सेंसर और कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर कई परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए केवल नौकरी ही विकल्प नहीं है। वे शोध, नई तकनीक विकसित करने और अपने विचारों को समाधान में बदलने के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकते हैं। सॉफ्टवेयर आधारित नेटवर्क, स्वचालन, स्मार्ट वाहन और क्वांटम तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में अभी काफी काम किया जाना बाकी है। एलसी मंगल ने कहा कि विश्वविद्यालयों, उद्योगों और नव उद्यमों के बीच सहयोग बढ़ाकर नए शोध प्रोजेक्ट और नवाचार के अवसर तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इंजीनियरिंग शिक्षा के साथ शोध को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग विभाग की ओर से किया गया।


